पहलवानों के एक करीबी सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "उन्होंने गृह मंत्री के साथ अपनी चिंता साझा की। बैठक लंबी थी और उन्होंने सब कुछ सुना। लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ अभी तक।"
बताया गया है कि दोनों पक्ष शनिवार रात करीब 11 बजे मिले थे। अमित शाह ने पहलवानों से तब मुलाकात की है जब खाप पंचायतों की तरफ से केंद्र को 9 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है,
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहलवानों ने अमित शाह से WFI के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके बाद गृह मंत्री ने पहलवानों से बिना भेदभाव के पूरी जांच का भरोसा दिया है।
अब इसके संकेत दिखाई देने लगे हैं। भाजपा में भी दो मत हैं। भाजपा में अब बृजभूषण शरण सिंह से हमदर्दी रखने वाले बहुत कम नेता हैं। यह मानने वालों की संख्या बढ़ रही है कि पहलवानों की शिकायत पर कोई कार्रवाई होनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, पहलवानों ने ही अमित शाह से मुलाकात का समय मांगा था। अमित शाह ने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा। पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने पहलवानों से यह भी पूछा कि क्या पुलिस को अपने काम करने का समय नहीं देना चाहिए?
बजरंग, साक्षी और विनेश अप्रैल से दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं और डब्ल्यूएफआई के दरकिनार किए गए अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक नाबालिग सहित कई पहलवानों के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं।

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